बड़ी खबर – पाकिस्तानी एजेंट निकला पुलिस अधिकारी देविंदर सिंह, आतंकवादियों की करता था मदद

जम्मू कश्मीर के निलंबित पु,लिस अधिकारी देविंदरसिंह से पूछताछ में नया खुलासा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक राष्ट्रीय जांच एजेंसी की पूछताछ में मिले कि देविंदरको पाकिस्तानी उच्चायोग से मदद मिल रही थी। अब तक कि जांच में देविंदर को लेकर जो तस्वीर साफ हुई है, वो या है कि देवेंदर दो तरह से काम कर रहा था।

एक ओर तो वह पाकिस्तानी हैंडलर और पाकिस्तानी की आईएसआई के लिए काम कर रहा था और दूसरी ओर भारत में पाकिस्तानी उच्चायोग के इशारे पर काम कर रहा था। सूत्र बताते हैं कि जब देविं,दर को गिरफ्तार करने के बाद उसके ठिकानों पर छापेमारी की गई तब जांच एजेंसी एनआईए को इस बात के सबूत मिले हैं कि वो पाकिस्तानी हाई कमीशन से भी कमांड लेता था।

दरअसल पहले देविंदरको जम्मू कश्मीर की पुलि,स ने गिरफ्तार किया, जब वो आतंकियों को अपनी कार में बैठकर उनके ठिकाने पर पहुचाने में मदद कर रहा था। लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरे मामले की जांच एनआईए को सौप दिया गया है। और देविंदरऔर उसके आतंकी साथी एनआईए की पंद्रह दिनों की रिमांड पर हैं।

एनआईए सूत्रों के मुताबिक देविंदर सिंह के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर आतं,कियों को भारत मे घुसाने में मदद लेते थे, और हाई कमीशन के जरिये टेरर फंडिंग किया जाता थाहालांकि नई दिल्ली स्थित पाकिस्तानी हाई कमीशन में किस स्तर के अधिकारी या कर्मचारी देविंदरके साथ जुड़े थे इस बात का खुलासा अभी नहीं हुआ है।

लेकिन पाकिस्तानी हाई कमीशन का इस तरह का मामला पहला नहीं है। इसके पहले भी जम्मू कश्मीर टेरर फंडिंग केस में हाइ कमीशन का नाम सामने आ चुका है।

पिछले साल कश्मीर टेरर फंडिंग केस में एनआईए ने अपनी चार्जशीट में अदालत में साफ तौर से इस बात को बताया है कि किस तरह से हाइ कमीशन से भारत के खिलाफ टेरर फंडिंग में मदद की जा रही थी। डीएसपी देविंदरसिंह से आईबी और मिलिट्री इंटेलिजेंस के अधिकारी भी लगातार पूछताछ कर रहे है।


इसीलिए उसे अभी दिल्ली नही लाया गया है। ये पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हिजबुल मुजाहि,द्दीन के आतं,की नावेद बाबू और अल्ताफ बाबू दो दिनों तक श्रीनगर के बादामी बाग के बगल में मौजूद देविंदरसिंह के घर में क्यों रुके थे।

देविंदरसिंह का संसद हमले का आतं,की अफजल गुरु से क्या कनेक्शन है। हिजबुल मुजाहिदीन के दो आतं,कियों को पंजाब और दिल्ली भेजने की तैयारी हो रही थी जिसमे देविंदर मदद कर रहा था।

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