बिहार में ओवैसी की पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता को देख पार्टी ने कर दिया बड़ा फैसला

बिहार में अपनी बढ़ती लोकप्रियता की वजह्कर असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM (All India Majlis-e- Ittehadul-Muslimeen) बहुत उत्साहित है. पार्टी ने 2020 बिहार चुनाव में पहले से 18 सीटों का इज़ाफ़ा करते हुए 50 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है.

बिहार में असदुद्दीन ओवैसी की बढ़ती लोकप्रियता को हुए AIMIM अब 50 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। पार्टी ने पहले 32 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया था। इसमें 18 सीटों का इज़ाफ़ा हुआ. पार्टी जिन मुस्लिम बहुल सीटों पर चुनाव लड़ने जा रही है उसपर राजद और कांग्रेस का कब्ज़ा रहा है.

2015 बिहार विधान सभा चुनाव में 6 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी अब सीमांचल से बहार अपने पैर जमाने के लिए बेताब हैं. पार्टी पहले ही सीमांचल के चारो ज़िले किशनगंज,कटिहार,पूर्णिया और अररिया में अपने पैर जमा चुकी है. ऐसे में जानकार इसे असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी की बढ़ती हुई लोकप्रियता का प्रमाण मान रहे है.

हाल ही में अररिया ज़िले के बैसी (BAISI) से पूर्व विधायक रुकनुद्दीन अहमद AIMIM में शामिल हो चुके है. पार्टी बिहार के कई और कद्द्वार नेताओं के साथ बातचीत कर रही है. जिसे बिहार में मुस्लिम और राजद एवं कांग्रेस से असंतुष्ट वोटरों को गोलबंद करने की कोशिश कहा जा रहा है.

हालांकि पार्टी ने 2020 बिहार चुनाव के लिए अभी उम्मदवारो के नाम का ऐलान नहीं किया है.पार्टी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष ने अख्तरुल इमान ने कहा की अब हम बिहार में 50 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। हमारी पार्टी NDA के खिलाफ रहने वाली किसी भी पार्टी से गठबंधन कर सकते है.

AIMIM ने जिन सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा की है उनमे ज़्यादातर सीटें बिहार के सीमांचल इलाके में है. उनमें बिहार की कोचाधामन, किशनगंज, बहादुरगंज, ठाकुरगंज, कस्बा, अररिया, नरपतगंज, छातापुर, प्राणपुर, जाले, दरभंगा, सुगौली, भागलपुर, गया, पूर्णिया, धमदाहा, पीरो और मनिहारी विधानसभा सीट शामिल है.

अख्तरुल इमान ने मौजूदा नीतीश कुमार सरकार को विकास विरोधी बताते हुए दावा किया कि असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी इस बार नीतीश सरकार को उखाड़ फेंकेगी. अख्तरुल इमान ने विधानसभा चुनाव में ऐसे किसी भी दल या गठबंधन के साथ तालमेल करने में कोई परहेज नहीं है जो एनडीए के खिलाफ है.

याद दिला दें कि बिहार में ओवीसी की पार्टी AIMIM पिछले साल उपचुनाव में खाता खोलने में कामयाब रही है. लोकसभा चुनाव के बाद बिहार के किशनगंज सीट पर हुए चुनाव में उनकी पार्टी के उम्मीदवार कमरुल होदा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की थी. AIMIM का बिहार के सीमांचल इलाके के मुस्लिम वोटरों के बीच काफी लोकप्रिय है .

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