शशि थरूर ने शेयर किया पुराना ट्वीट अनुपम खेर ने कहा तुम इतने नीचे कैसे गिर सकते हो

अनुपम खेर. एक्टर हैं. सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव रहते हैं. ट्वीट करते रहते हैं. और कई बार ऐसी बातें भी बोलते हैं, जिससे साफ ज़ाहिर होता है कि वो केंद्र में इस वक्त जो पार्टी मौजूद है, उसके समर्थक हैं. खैर, अभी बात अनुपम के ट्वीट पर. दरअसल, 2012 में उन्होंने एक ट्वीट किया था

, जिसका स्क्रीनशॉट इस वक्त काफी वायरल हो रहा है. तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस के सांसद शशि थरूर ने इसे शेयर किया है. जिसे लेकर अब शशि और अनुपम के बीच एक तरह से ट्विटर वॉर शुरू हो गया है.शशि थरूर ने 28 तारीख को सुबह 10 बजे ये ट्वीट किया. अनुपम के जिस ट्वीट का स्क्रीनशॉट डाला था, उसमें उन्होंने 2012 में लिखा था,

एक देशभक्त को हमेशा अपनी सरकार के खिलाफ अपने देश की रक्षा करने के लिए तैयार रहना चाहिए.’कथन था अमेरिकी लेखक एडवर्ड एबे का. अनुपम ने उनका नाम भी अपने ट्वीट में मेंशन किया था. याद दिला दें कि साल 2012 में केंद्र में कांग्रेस की अगुवाई वाली UPA (यूनाइटेड प्रोग्रेसिव अलायन्स) की सरकार थी.

अनुपम के आठ साल पुराने ट्वीट को शशि थरूर ने अभी शेयर किया और लिखा,‘थैंक्स अनुपम खेर. यहां पर आपसे मैं पूरी तरह से सहमत हूं. ‘देशभक्ति का मतलब हर समय अपने देश का समर्थन करना है, साथ ही जब सरकार इस समर्थन की हकदार हो तो उसका समर्थन भी करना है.”प्रिय शशि थरूर. आपने मेरे 2012 के ट्वीट को ढूंढकर निकाला, आज उस पर टिप्पणी की.

ये न केवल आपकी बेरोज़गारी और दिमाग़ी कंगाली का प्रमाण है, बल्कि आप इंसानी तौर पर कितना गिर चुके हैं इसका भी सबूत है. मेरा ये ट्वीट जिन लोगों के लिए था वह आज भी भ्रष्टाचार का प्रतीक हैं. आप जानते हैं.’डियर अनुपम खेर. तो मैंने आपके 2012 के ट्वीट को कोट किया तो नीचे गिर गया. उस सरकार के बारे में आप क्या कहोगे जो केवल 1962, 1975 और 1984 को ही कोट करती रहती है?

यह भी बेरोज़गारी और दिमाग़ी कंगाली का अंतिम प्रमाण है? मेरा ये ट्वीट जिन लोगों के लिए हैं वह आज भी अपनी नाकामयाबी दिखा रहे हैं भारत के सीमे में.’आप लोग समझ ही गए होंगे कि शशि थरूर बीजेपी के खिलाफ बोल रहे हैं, और अनुपम खेर UPA के खिलाफ. खैर, शशि के एक ट्वीट पर तो अनुपम ने जवाब दे दिया, लेकिन एक चालाकी भी कर गए. दरअसल, उनका एक और ट्वीट इस वक्त काफी वायरल हो रहा है. 2012 का ही. जिसमें वो पेट्रोल के बढ़ते दामों का विरोध कर रहे हैं. उन्होंने 14 अक्टूबर, 2012 में लिखा था,

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