बाबरी हॉस्पिटल की खबर को लेे कर आया सुन्नी वक्फ बोर्ड का बयान

राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद को लेकर चल रहा विवाद ख’त्म हो गया है. सुप्रीम कोर्ट ने इस विवादित भूमि पर अपना फैसला सुनाते हुए यह जगह राम जन्मभूमि मानते हुए इसे राम मंदिर के निर्माण के लिए हिंदू पक्षकार को सौंप दी है. जबकि मुस्लिम पक्ष को बाबरी मस्जिद का निर्माण करने के लिए अयोध्या में ही किसी दूसरी जगह पर 5 एकड़ जमीन देने के निर्देश सरकार को दिए थे.इसके बाद सरकार ने अयोध्या से 30 किलोमीटर दूर 5 एकड़ जमीन सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड को दी थी. अब इसे लेकर एक अफवाह तेजी से सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही है जिसका खंडन खुद सुन्नी वक्फ़ बोर्ड ने किया है.

बनवा ली मजाक

दरअसल सोशल मीडिया पर बाबरी हॉस्पिटल की झूठी खबर तेजी से वायरल हो रही हैं. इस अफवाह में दवव किया जा रहा है कि सुन्नी वक्फ़ बोर्ड को सरकार की तरफ से मस्जिद बनाने के लिए मिली 5 एकड़ जमीन पर मस्जिद की जगह बाबरी हॉस्पिटल बनाया जाएगा.इस खबर के साथ ही एक साइनबोर्ड (Signboard) के साथ एक बड़े भवन परिसर की तस्वीर भी खूब शेयर की जा रही है.
इस तस्वीर को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट में कहा जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा आवंटित की गई पांच एकड़ भूमि पर बोर्ड मस्जिद की जगह अस्पताल बना रहा है और यह उस प्रस्तावित बाबरी अस्पताल का ब्लू प्रिंट है.
इतना ही नहीं पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि इस हॉस्पिटल को संभालने की ज़िम्मेदारी जेल में बंद डॉ कफील खान को दी जाएगी. अब हम आपको बताते है इस वायरल पोस्ट की सच्चाई.
दरअसल सोशल मीडिया पर बाबरी हॉस्पिटल के नाम के साथ दिखाया जा रहा भवन अमेरिका के वर्जीनिया (Virginia) प्रांत के चार्लोट्सविले (Charlottesville) में स्थित वर्जीनिया अस्पताल का हैं.
इसे लेकर सुन्नी वक्फ़ बोर्ड ने एक प्रेस रिलीज भी जारी किया है. इसमें बोर्ड ने कहा है कि मस्जिद के लिए रौनाही के धनीपुर गांव में मिली 5 एकड़ ज़मीन पर बाबरी हॉस्पिटल बनाने और उसका प्रशासक डॉ कफील खान को नियुक्त करने के संदर्भ वाली सभी खबरें झूठ हैं, फ़िलहाल इस जमीन को लेकर बोर्ड ने कोई फैसला नहीं लिया है.
इसके साथ ही सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड ने यह भी बताया है कि मीडिया में इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन की तरफ से जानकारी देने के लिए सचिव /प्रवक्ता अथर हुसैन को ही अधिकृत किया गया है.

Leave a Reply

Your email address will not be published.