8 साल की अंधी ल’ड़की बनी कु’रान की हा’फिज, तैय्यब एर्दोगान ने दिया खूबसुरत तोहफ़ा

नई दुनियां : तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगान ने एक ना’बीना (अंधी) लड़की से मुलाकात की और उसकी हौसला अफजा’ही भी की है। इस बच्ची का इतनी कम उम्र में कुरान हिफ़्ज़ करना बेहद ही काबिले तारीफ है। बता दे कि एर्दोगान ने अपने ऑफिस में इससे और लड़की के पूरे परिवार से मुलाकात की। इसे सम्म्मनि’त भी किया गया है। और तोहफ़े वजीफो की सौगात भी अता की गई । यँहा आप को बता दें कि तुर्की राष्ट्रपति तैय्यब एर्दोगान खुद भी एक हा’फिज कु’रान है और बहुत अच्छे का’री भी हैं जो एक अच्छी किरत करने में माहिर हैं ।

तोहफों के साथ ही एर्दोगान ने तारीफ करते हुए कहा है कि अल्ला’ह ने इस बच्ची को इतनी ज्यादा ताकत दी है कि इसने कम उम्र में कुरा’न श’रीफ हि’फ़्ज़ किया है। यह बेहद ही काबिले तारीफ है। हमे अ’ल्ला’ह का शुक्र अदा करना चाहिए। और हम हमेशा शुक्र करते रहेंगे ।

हम सब जानते हैं कि कुरा’न शरी’फ इ’स्लाम की एक पा’क कि’ताब है। कुरा’न श’रीफ हर मो’मिन को पढ़ने का शोक भी होता है और ये शोक रखना भी चाहिए जो भी कोई शख्स इसे याद भी करता है । उसे कुरा’न का हा’फिज कहा जाता है। जिस उम्र में हम पढ़ने लिखने का शोक नही रखते है उस उम्र के तु’र्की की एक एक ना’बी’ना लड़की ने कुरा’न हि’फ़्ज़ किया है। तुर्की के रा’ष्ट्रपति समेत उसे कई लोग ‘मुबा’रकबाद दे रहे है।

बता दे, एर्दोग’न ने यू’एई को इस रा इल वाले मामले में बुरी तरह से ल’ता’ड़’ते हुए कहा है इसे उसकी कीमत चुकानी होगी । दुनिया के कई मुलको ने यूएई का वि’रो’ध करना शुरू कर दिया है। बता दे, फि’लि’स्ती’न के मुद्दे को लेकर दुनिया भर के मुसल’मान किसी समझौते को लेकर तैयार नही है ।

फि’लि’स्तीन को हड़प’ने वाले इस’राय’ल को अब तक 4 अरब देशों ने एक देश के।रूप में मान्यता दी है । यूएई ने हाल ही में ये किया है जिसका पूरी दुनिया मे जोरदार वि’रो’ध हो रहा है ।

कुवैत के अख़बार अल-क़बास की रिपोर्ट के मुताबिक़, संयुक्त अरब अमीरात के साथ समझौते के बाद कुवैत की स्थिति अप’रिव’र्तित है और यह संबंधों को सामान्य बनाने वाला अंतिम देश होगा। इस’राय’ ल और यूएई ने गुरुवार को एक समझौते की घोषणा की जिससे दोनों राज्यों के बीच राजनयिक संबंधों का पूर्ण सामान्यीकरण होगा, जिससे मिस्र और जॉर्डन के बाद संयुक्त अरब अमीरात ऐसा करने वाला एकमात्र तीसरा अरब राज्य बन जाएगा ।

हालांकि कुवैत विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने कोई टिप्पणी नहीं दी। अल-क़बास ने कहा, “कुवैती की स्थिति फ़िलिस्तीनी कारण के समर्थन में दशकों पुरानी विदेश नीति के दृष्टिकोण के अनुरूप है, क्योंकि यह प्रमुख अरब मुद्दा है, और केवल एक समाधान को स्वीकार करता है।

फिलिस्तीनियों ने इस रा’ यल-यूएई सौदे की निं’दा की, जबकि सऊदी अरब और कतर चुप रहे। साथी खाड़ी देशों ओमान और बहरीन ने इस समझौते की प्रशंसा की। माना जा रहा है कि ओमान और बहरीन यूएई के नक्शेकदम पर चलते हुए इस’ राय’ ल के साथ अपने सबंध को सामान्य कर सकते है। इस’ राय’ल के खुफिया मंत्री ने रविवार को कहा कि बहरीन और ओमान अगले खाड़ी देश हो सकते हैं, जो इस राय’ल के साथ संयुक्त अरब अमीरात के संबंधों का पालन करेंगे।

नई दुनिया: जैसा कि आप लोगो को पता है कि इ’जरा’इल और फि’लिस्ता’न के सबसे पवित्र स्थान का वि’वा’द बहुत पुराना है। अमेरि’का के राष्ट्रप’ति डो’नाल्ड ट्र’म्प ने इज’राइल और फि’लि’स्तानी सम’झौता कराने के लिए एक डील की है । जिसे डी’ल ऑफ द सेंचुरी कहा जा रहा है। इसके तहत इज’रा’इल ये’रुश’लम को अपनी राज’धानी मान लेगा। अमे’riका और इस रा इल के सहयोग में बहरीन, यूईए और ओमान साथ आया हैं।

इससे पहले बीते साल को अ’मेरि’का ने येरु’शल’म को इ’जरा’इल की राजधानि घो’षि’त कर चुका हैं। इसी बीच सऊदी किंग सलमान ने दोनों देशों को लेकर टे’लीफोन बातचीत के दौरान फिलिस्तानी अधिकारों के प्रति फिलिस्तानी राष्ट्रपति महमूद अब्बास को आ’श्वासन दिया गया हैं। स’ऊदी ने कहा कि फि’लिस्ता’नी लोगों द्वारा राज्य का रुख और उनकी आशाओं और आकांक्षाओं को प्राप्त करने के लिए उनके विकल्पों के समर्थन करता हैं।

इसी बीच फि’लिस्ता’नी राष्ट्रपति ने किंग सलमान के लिए उनकी उत्सुकता और रुचि के लिए सराहना की हैं। सऊदी अर’ब के लिए फि’लिस्ता’नी की और समर्थन किया। अमे’रिका ने बीते साल 12 मई को तेल अवीव में अपना दू’तावास खोला था।ट्रम्प ने 28 जनवरी को वाइट हाउस में इ’जराइ’ल के प्रधा’नमंत्री के साथ बैठक की थी। जिसमे उन्होंने डील ऑफ द सेंचु’री को पेश किया था।

संयु’क्त’ रा’ष्ट्र ने कहा था कि यह डील 1967 में हुए अंत’राष्ट्रीय सी’मा स’न्धि का उ’ल्लं’घन करता है। बता दे, डील ऑफ सें’चुरी की घो’षणा होने के बाद तुर्की सदर एर्दोगन की तरफ से भी बड़ा बयान सामने आया है । तुर्की सदर ने कहा कि बैतूल मुक्कदस मु’स्लि’मों का है और वो अमे’रिका की इस डील को सि’रे से खा’रिज करते है। बता दे, डील ऑफ सेंचुरी को लेकर तरह तरह के कया’स लगाए जा रहे है , जिसमें इस रा इल के लोग स’ऊदी अरब में यात्रा कर आ भी शामिल है ।

इसके अलावा फि’लिस्तीन के प्रमुख क्षेत्रों जैसे गोला’न की पहाड़ियों , जुडी और गाज़ा के इलाक़े को इस रा इल में मिलने की कवायद है ।बता दे, इस डील से फि’लि’स्तीन को बाहर रखा गया था जबकि यह इसी देश के लिए बना है । इस डील के बाद कई देश खुलकर सामने आए है तो वही बहरीन , यू’एई ,अमेरिका के साथ है ।

याद रहे अभी कुछ दिन पहले ही

UAE और इज़राईल के साथ हुए हालिया सौदे के जवाब में तुर्की ले राष्ट्रपति रजब तय्यब एर्दोआन ने शुक्रवार को कहा की, तुर्की ने संयुक्त अरब अमीरात के साथ अपने राजनयिक संबंधों को निलंबित कर दिया है. एर्दोआन ने संवाददाताओं से कहा कि इस राइल के साथ संयुक्त अरब अमीरात का विवादास्पद समझौता समस्याग्रस्त है.

और तुर्की फि”लिस्तीनी लोगों के साथ एक”जुटता में खड़ा है. एर्दोगान ने आगे कहा कि, “मैंने अपने विदेश मंत्री को आवश्यक निर्देश दिए हैं। हम या तो राजनयिक संबंधों को निलंबित कर सकते हैं या अपने राजदूत को वापस बुला सकते हैं क्योंकि हम फिलि”स्तीनी लोगों के साथ खड़े हैंऔर हमेशा समर्थन का वादा करते है.

राष्ट्र”पति ने यह कहकर जारी रखा कि सऊदी अरब भी इस क्षेत्र में गलत कदम उठा रहा है, क्योंकि उन्होंने इस रा”यल और ग्रीस के साथ सह”योग करने के लिए मिस्र की आ’लोच’ना की.

इससे पहले शु”क्रवार को, तुर्की के विदेश मंत्रालय ने फिलि”स्तीनी कारण के साथ विश्वासघा”त करने के लिए यूएई-इस राय”ल सौदे की निं’दा की.

इस राय’ल के प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को कहा कि वह संयुक्त अरब अमीरात के साथ एक सामान्य समझौते के बावजूद वेस्ट बैंक के कुछ हिस्सों के लिए “अभी भी प्रतिबद्ध” है.

(खबर गूगल एवं फेसबुक पेज से)

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