अयोध्या फैसले पर टिप्पणी करना स्वरा भास्कर को पड़ा भारी

बॉलीवुड एक्ट्रेस स्वरा भास्कर अपने कड़क जवाब के लिए काफी मशहूर हैं. स्वरा हर मुद्दे पर अपनी राय रखती हैं। लेकिन अब स्वरा का बेबाकपन उन्हीं पर भारी पड़ता हुआ नज़र आ रहा है। स्वरा भास्कर एक कानूनी झमेले में पड़ गईं हैं। स्वरा के खि`लाफ सुप्रीम कोर्ट की अवमानना मामले की कार्यवाही शुरू करने से पहले अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल की सहमति मांगी गई है.

आपको बता दें, स्वरा भास्कर के खि`लाफ अवमानना कार्यवाही की मांग करते हुए याचिका कर्ता ऊषा शेट्टी ने एक फरवरी को मुंबई कलेक्टिव के एक कार्यक्रम में दिये बयान को मुद्दा बनाया है। उस बयान में स्वरा ने न्याय पालिका पर टिप्पणी की थी जिसे याचिका में न्या`यालय की छवि खराब करने वाला बताया गया है। याचिका के मुताबिक, स्वरा भास्कर ने कहा था,

‘अब हम ऐसी स्थिति में हैं जहां हमारी अदालतें सुनिश्चित नहीं हैं कि वे संविधान में विश्वास करती हैं या नहीं। हम एक देश में रह रहे हैं जहां हमारे देश के सर्वोच्च न्यायालय ने एक फैसले में कहा कि बाबरी मस्जिद का विध्वं`स गैरकानूनी था और फिर उसी फैसले ने उन्हीं लोगों को पुरस्कृत किया जिन्होंने मस्जिद को गिराया था.’

रिया के बयान को सुप्रीम कोर्ट के फैसले का अवमानना माना जा रहा है. सोशल मीडिया पर वो पहले ही इस मसले पर ट्रोल हो चुकी हैं और अब उनपर कानूनी कार्रवाई की तैयारी चल रही है.

हाल ही में स्वरा, सुशांत केस में भी रिया चक्रवर्ती को सपोर्ट करती हुईं नज़र आईं थी. स्वरा के मुताबिक रिया एक अजीबो-गरीब और खत`रनाक मीडिया ट्रायल का शि`कार हो रही हैं.

इतना ही नहीं पिछले दिनों ट्विटर पर #अरेस्टस्वरभास्कर ट्रेंड किया था साथ ही सोशल मीडिया यूजर्स के एक समूह ने उनकी गिर`फ्तारी की मांग भी की थी। स्वरा इससे पहले भी अपने कई बयानों को लेकर सोशल मीडिया पर यूज़र्स के गुस्सा का स्वाद चख चुकी है.

Leave a Reply

Your email address will not be published.