अपने ही गढ़ में हा’री बीजेपी, करारी हा’र के बाद अमित शाह को बड़ा झ’ट’का और कांग्रेस को..

हाल ही में महाराष्ट्र और झारखंड में हुए विधानसभा चुनाव के बाद भारतीय जनता पार्टी इन दोनों राज्यों में अपनी सरकार बनाने में कामयाब नहीं हो पाई है लेकिन इस वक्त सबसे बड़ी खबर यह है कि भारतीय जनता पार्टी को अपने ही घर में भी हा’र का सा’म’ना करना पड़ा है।

खबर सामने आ रही है कि भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्व’यंसेव’क सं’घ का गढ़ माने जाने वाले नागपुर में भारतीय जनता पार्टी जिला परिषद चुनाव में क’रा’री हा’र का सामना करना पड़ा है। नागपुर जिला परिषद के चुनाव में कांग्रेस 31 सीटों पर विजय दर्ज करते हुए सबसे बड़ी पार्टी बनी है। नागपुर जिला परिषद मे कुल 58 सीटें हैं।

भारतीय जनता पार्टी को सिर्फ 14 सीटों से संतोष करना पड़ा। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और पूर्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले का गृह क्षेत्र है। गौरतलब है कि पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के लिए ये चुनावी नतीजे किसी झटके से कम नहीं हैं। साल 2019 विधानसभा चुनाव में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। लेकिन शिवसेना से म’तभे’द के कारण सरकार दोनों की सरकार नहीं बन पाई। इसके बाद उद्धव ठाकरे की अगुआई में कांग्रेस, शिवसेना और एनसीपी ने गठबंधन की सरकार बनाई।

महाराष्ट्र में हुए 6 जिला परिषद चुनावों में बीजेपी को क’रा’रा झ’ट’का लगा है। 6 में से 4 जिला परिषद चुनावों में एनसीपी-कांग्रेस और शिवसेना के गठबंधन (महाविकास आघाड़ी) को जीत मिली है। बीजेपी ने धु’ले जिला परिषद चुनाव जीता है। वहीं अकोला में प्रकाश आंबेडकर की वंचित बहुजन आघाड़ी ने तीसरी बार सत्ता हासिल की है।

बीजेपी नेता नितिन गडकरी के गांव धापेवाड़ा से कांग्रेस के महेंद्र डोंगरे विजयी हुए। बावनकुले के कोराडी जिला परिषद सर्कल में कांग्रेस के उम्मीदवार नाना कंभाले ने जीत दर्ज की। राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख के पुत्र सलील देशमुख ने चुनाव जीता। अनिल देशमुख के पुत्र सलील देशमुख ने नागपुर जिले में मंतपजरा जिला परिषद सीट से जीत हासिल की। महाराष्ट्र में नागपुर, अकोला, धुले, नंदुरबार, पालघर और वाशिम में मंगलवार को जिला परिषद चुनाव के लिए वोट डाले गए थे, जिसके नतीजे बुधवार को घोषित किए गए।

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