स्कूल में घुस आया था सुसा”इड बॉ”म्बर, एहतज़ाज़ हसन ने 2000 बच्चों की ज़िंदगी बचाकर खुद हो गया श”हीद

घ’टना गुरुवार को पश्चिमोत्तर हंगू प्रांत में हुई जब एहतजाज ने स्कूल से लगभग 150 मीटर की दूरी में हम”लावर को देखा. स्कूल में करीब 1000 बच्चे पढ़ते हैं जिनमें से ज्यादातर शिया समुदाय के हैं. हम”लावर बच्चों को निशा”ना बनाने के मकसद से आया था. 15 साल का एहतजाज हसन खु”दकुश हम”लावर को रोकने की कोशिश कर रहा था.

लेकिन हम”लावर ने स्कूल के बाहर खुद में वि”स्फोट कर लिया. एहतजाज को हम”ले में चो”टें आईं और उसने अस्पताल में द”म तोड़ दिया.उसके पिता मुजाहिद अली बंगश ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें अपने बेटे की बहादुरी पर गर्व है, “मैं खुश हूं कि एहतजाज ने हम”लावर को रोक कर सैकड़ों बच्चों की जा”न बचाई.”

बंगश संयुक्त अरब अमीरात में काम करते हैं और अपने बेटे की मौ”त के एक दिन बाद ही हंगू में अपने गांव लौट पाए. हंगू में ज्यादातर शिया मुसलमान रहते हैं.

बंगश ने कहा, “कई लोग मुझे देखने आ रहे हैं और सहानु”भूति जताने की कोशिश कर रहे हैं. मैं उनसे कहता हूं कि इसके बदले मुझे बधाई दें क्योंकि मेरा बेटा शही”द हुआ है.

मैं तो बहुत खुश होऊंगा अगर मेरा दूसरा बेटा भी देश के लिए अपनी जान दे.” एहतजाज के भाई मुदस्सिर बंगश ने बताया कि एहतजाज पढ़ाई में अच्छा था और डॉक्टर बनने की ख्वाहिश रखता था. “वह थोड़ा मोटा था और हम उसे पहलवान बुलाते थे.”

एहतजाज की बहादुरी ने सामाजिक मीडिया को भी उत्साहित किया है. अमेरिका में पाकिस्तान की पूर्व राजदूत शेरी रहमान ने कहा, “हंगू का शहीद एहतजाज हसन पाकिस्तान की शान है. कम से कम उसे मेडल मिलना चाहिए. वह एक और किशोर है जिसकी हिम्मत की दाद देनी चाहिए.”

हंगू जिला पाकिस्तान के कबायली ओरकजाई इलाके के पास है. ओरकजाई अफगान सरहद पर स्थित है जो तालि”बान और अल कायदा उ”ग्रवा”दियों का गढ़ माना जाता है.

ओरकजाई में अक्सर सां”प्रदा”यिक दं”गे भी होते हैं, खास तौर पर मुहर्रम के महीने में, जो शिया मुसलमानों के लिए अहम होता है.

पाकिस्तान में अलका”यदा और तालि”बान से जुड़े सुन्नी गुट अक्सर शिया समुदायों पर हम”ला करते हैं. पिछले सालों में हुए हम”लों में कई लोग मा”रे गए हैं.

स्रोत: एमजी/एजेए (एएफपी, एपी)

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