ब’ड़ा ख’जाना मिलने पर ए’र्दोगान को मिल रही दुनियां भर से जम’कर मुबारकबाद

नई दुनियां: फि’लिस्तीन, अजरबैजान और यूक्रेन ने काला सागर में प्राकृतिक गैस भं’डार की खोज के लिए शनिवार को तुर्की को बधाई दी। तु’र्की के संचार निदेशालय ने एक बयान में कहा कि फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने तुर्की के राष्ट्रपति तैयब ए’र्दोगन को फोन पर बधाई दी। उन्होंने फिलिस्तीन की सफलता के रूप में तुर्की की सफलता की सराहना की, जबकि एर्दोगन ने फिलिस्तीनी मुद्दे पर अं’कारा के समर्थन को दोहराया। बयान में कहा गया कि दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय विकास पर चर्चा की।

अजर’बैजान के विदेश मंत्री जेहुन बेरामोव ने अपने तु’र्की समकक्ष मेवलुत कैवु’सो’ग्लू को महत्वपूर्ण खोज पर बधाई देने के लिए फोन किया। वहीं यूक्रे’नी राष्ट्रपति वलो’डिमिर ज़े’लेंस्की ने भी एर्दोगन को बधाई दी, आशा व्यक्त की कि गैस का भं’डार तुर्की को लाभ पहुंचायेगा। बयान में कहा गया है कि एर्दोगान और ज़े’लेंस्की ने द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने के लिए क्षेत्रीय विकास और कदमों पर भी चर्चा की।

अज़रबैजान के राष्ट्रपति इ’ल्हाम अलीयेव ने हाल की खोज में तुर्की की सफलता के लिए ए’र्दोगन को बधाई देते हुए एक पत्र भेजा। अलीयेव ने कहा, “मेरा मानना ​​है कि तु’र्की और अजरबै’जान के बीच भाईचारा और दोस्ती का रिश्ता मजबूत और बेहतर होता रहेगा।”

इस बीच, अरब दुनिया के प्रमुख लोगों ने भी तुर्की को उसकी नई खोजी गई प्राकृतिक गैस के लिए बधाई दी। कत’री पत्रकार जाबेर अल हरमी ने ट्विटर पर कहा कि वह तु’र्की की सफलता से प्रसन्न हैं। यह कहते हुए कि राष्ट्रपति एर्दोगन अपने देश और राष्ट्र के लिए ल’ड़ रहे थे, हर’मी ने कहा: “अरब नेता अपने ही देशों के खि’लाफ सा’जिश र’च रहे हैं और अपने स्वयं के देशों को न’ष्ट कर रहे हैं।”

इरा’की विचारक मो’हम्मद अल-कु’बैसी ने ट्विटर पर कहा, “का’ला सागर में नए ऊर्जा स्रोतों की खोज के साथ, तुर्की ने क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण स्थिति को मज’बूत किया है।” मुह’म्मद अल-मुख्तार अल-शिन’क्ती, एक मॉरीटियन लेखक, अनिया अल अफांदी, एक अल्जी’रियाई पत्रकार और हामिद अल-अली, एक कुवैती शेख ने भी ट्विटर के माध्यम से तुर्की को बधाई दी।

ट्यूनीशियाई ऊर्जा विशेषज्ञ, मोहम्मद गाजी बेन जेमिया ने अनादोलु एजेंसी को बताया कि यह एक प्रमुख खोज थी, जो ऊर्जा क्षेत्र में नई संभावनाओं और अवसरों को जन्म दे सकती है। जेमिया ने कहा कि इस खोज से तु’र्की की बाहरी निर्भरता में क’मी आएगी ।

(फेसबुक-से साभार)

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नई दुनियां : जब तु’र्की सदर से मालूम किया गया कि क्या है फ़’तेह जहाज़ ? समाचार एजेंसी एएफ़पी का कहना है कि खुदाई करने वाले तुर्की के जहाज़ का नाम उ’स्मानिया स’ल्तनत के सु’ल्तान रहे फ़:तेह सु’ल्तान मो’हम्मद के नाम पर रखा गया है जिन्होंने 1453 में कस्तुं’तुनिया पर क़’ब्ज़ा किया था । फ’तह का हिंदी अनुवाद होता विजय हासिल करना (जीत) हासिल करना।

मौ’हम्मद द्वितीय फ़ातिह 1444 से 1446 और 1451 से 1481 तक उ’स्मा’निया साम्राज्य के सु’लतान रहे। उन्होंने क़रीब 21 साल की उम्र में क़ु’स्तुंतु’निया पर फ़’तह करके बाज़’न्तीनी सा’म्रा’ज्य को हमेशा के लिए ख़’त्म कर दिया था। इस वि’शाल फ़’तह के बाद उन्होंने “क़ै’सर” का ख़िताब प्राप्त किया।

तुर्की के राष्ट्रपति तैय्यप एर्दोगान ने शुक्रवार को बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि तुर्की ने का’ले सागर में अब तक का सबसे बड़ा प्राकृतिक गैस का भंडार ढूंढा है. साथ ही उन्होंने कहा कि तुर्की का लक्ष्य 2023 तक इसका इस्तेमाल करने का है. । इस्तांबुल में प्रेस कॉन्फ़्रेंस करते हुए अर्दोआन ने कहा कि तुर्की के फ़तेह नामक ड्रिलिंग जहाज़ ने 320 अरब क्यूबिक मीटर प्राकृतिक गैस भंडार टूना-1 कुएं में पाया है. उन्होंने इसे तुर्की के इतिहास की सबसे बड़ी प्राकृतिक गैस की खोज बताया है.

उन्होंने कहा कि इसी इलाक़े में नए गैस भंडार की खोज होगी.एर्दोगान ने कहा, “हमारा लक्ष्य काले सागर से गैस निकालकर 2023 तक इसके इस्तेमाल करने का है.” साथ ही उन्होंने कहा कि तुर्की को भी पूर्वी भूमध्यसागर से ‘ख़ुशख़बरी’ की उम्मीद है. इस जगह पर भी तुर्की गैस की खोज कर रहा

उन्होंने कहा, “अभी तक भूमध्यसागर और का’ले सागर में फ़’तेह और या’वुज़ जहाज़ के ज़रिए नौ बार गह’री खुदाई की गई है. हम अपने देश के ऊर्जा मुद्दे को पूरी तरह से हल करने के लिए दृढ़-संकल्प हैं.”तुर्की के वित्त मंत्री बेरात अलबायराक ने फ़’तेह जहाज़ से ही वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के ज़रिए कहा कि इसके ज़रिए उसके पास ज़रूरत की गैस का पर्याप्त भंडार होगा और इसे उन्होंने ‘नया युग’ बताया.

कम होगी दूसरे देशों पर निर्भरता
माना जा रहा है कि इस खोज से बाद तुर्की को प्राकृतिक गैस के लिए रूस, ईरान और अज़रबइजान पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. तुर्की के ऊर्जा मंत्री फ़’तेह दोनमेज़ ने भी कहा कि तुर्की को यह सफलता गहरे पानी में नौवीं बार खुदाई करने के बाद मिली है.

उन्होंने कहा कि गैस के भंडार समुद्र के भीतर 2,100 मीटर नीचे मिले हैं. हालांकि उन्होंने कहा, “हमारा अभियान यहां ख़त्म नहीं होगा, हम खुदाई का काम जारी रखेंगे और समुद्र के भीतर 1,400 मीटर और नीचे तक जाएंगे. अब तो जो डेटा हमें मिला है उसके अनुसार वहां भी हमें गैस मिल सकती है.”

वहीं वित्त मंत्री बेरात अलबायराक का कहना है कि इससे देश की अर्थव्यवस्था का सामने मौजूद चुनौ’ती से उबरने में मदद मिलेगी.
पूर्वी भूमध्यसागर में गैस की खोज के दौरान तुर्की और ग्रीस के बीच काफ़ी त’नाव बढ़ा है. अमरीकी भूगर्भीय सर्वे के अनुसार, इस क्षेत्र के लेवंत बेसिन में 350 अरब क्यूबिट मीटर प्राकृतिक गैस और 1.7 अरब बैरल तेल का भंडार है।

क्या है फ़’तेह जहाज़ ?
समाचार एजेंसी एएफ़पी का कहना है कि खुदाई करने वाले तुर्की के जहाज़ का नाम उ’स्मानिया स’ल्तनत के सु’ल्तान रहे फ़:तेह सु’ल्तान मो’हम्मद के नाम पर रखा गया है जिन्होंने 1453 में कस्तुं’तुनिया पर क़’ब्ज़ा किया था.

पूर्वी प्रांत ज़ॉन्गुलदक के इरिगिल शहर के तट के टूना-1 में इस जहाज़ की खोज के बाद इसी साल 20 जुलाई को आगे की खोज शुरू हुई थी. एर्दोगान ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि इसी क्षेत्र में कुछ नया निकलेगा । तुर्की ऊर्जा ज़रूरतों को लिए रूस पर निर्भर है और वो अपनी आपूर्ति को बढ़ाना चाहता रहा है.

इस महीने एर्दोगान ने पूर्वी भूमध्यसागर में ग्रीस के द्वीप के तट के नज़दीक गैस खोजने के आदेश दिए थे. जिसके बाद से ग्रीस, साइप्रस और यूरोपीय संघ तुर्की के सा’मने आए ग’ए थे. फ़्रांस के साथ भी त’नाव बढ़ने के कारण क्षेत्र में सैन्य मौजूदगी को बढ़ा दिया गया था ।

पूर्वी भूमध्यसागर में यूरोपीय संघ तुर्की को तुरंत खोज रोकने के लिए कहा था लेकिन अर्दोआन ने झुकने के कोई संकेत नहीं दिए. उन्होंने कहा, “इस साल के आख़िर तक कनू’नी जहाज़ के ज़रिए भूमध्यसागर में गति’विधियां बढ़ाई जाएंगी.”।

(खबर बी बी सी न्यूज से साभार )

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नई दुनिया : तूर्की को का’ला सागर में ऊर्जा का बड़ा भंडार हाथ लगा है. ये भंडार संभवत: प्राकृतिक गैस का है. टर्की के गैस भंडार के खोज अभियान से जुड़े दो लोगों ने ये जानकारी ब्लूमबर्ग को दी है. तुर्की के राष्ट्रपति ने भी इसे लेकर सं’केत दिए हैं ।
तुर्की के राष्ट्रपति तैय्यब एर्दोगान ने शुक्रवार को देशवासियों को खुशखबरी देने का वादा किया है. तुर्की के राष्ट्रपति ने कहा है कि इस खुशखबरी से देश में एक नए युग की शुरुआत होगी।

हालांकि,एर्दोगान के भूमध्यसागर के वि:वादित जल क्षेत्र में ऊर्जा के भंडार की खोज जारी रखने की वजह से यूरोपीय यूनियन के साथ वि’वाद और गहरा गया है । तुर्की के राष्ट्रपति के ऐलान के बाद डॉलर के मुकाबले तुर्की की मुद्रा लीरा में उछाल देखने को मिला. तुर्की पेट्रोल रिफाइनरीलेरी एएस (तुप्रास) और पेट्रोलियम मैन्युफैक्चरर पे’टकिम पे’ट्रोकिमया होल्डिंग के शेयर्स की कीमतें भी 7.6 और 9.9 फीसदी तक बढ़ गईं ।

टर्की के ऊर्जा मंत्री फतीह डोनमेज ने बताया कि पिछले महीने ड्रिलिंग शिप फतीह ने टर्की के एरेगिल के नजदीक तटीय इलाके में टूना-1 जोन में खुदाई शुरू की थी. ब्लूबे एसेट के एक रणनीतिकार तिमोथी एश ने ट्विटर पर लिखा, पहले भी काला सागर में गैस भंडार खोजे गए हैं लेकिन सीमित पैमाने पर. टर्की के 35-50 अरब डॉलर के सालाना तेल-गैस आयात बिल को देखते हुए अगर कोई बहुत बड़ा भंडार मिलता है तो टर्की की किस्मत बदल सकती है ।

टूना-1 टर्की के समुद्री तट से करीब 150 किमी की दूरी पर है और बुल्गारिया और रोमानिया की समुद्री सीमाओं के नजदीक है. ये इलाका रोमानिया के नेप्टून ब्लॉक से भी ज्यादा दूर नहीं है. नेप्टून ब्लैक काला सागर में आठ साल पहले खोजा गया विशाल गैस भंडार है. तुर्की नेवी की वेबसाइट के मुताबिक, तुर्की की ड्रि’लिंग शिप फतीह टूना-1 में जुलाई महीने से खुदाई कर रही है ।

रोमानिया फिलहाल कम गहराई वाले गैस भंडारों पर काम कर रहा है जबकि 8 साल पहले मिले वि’शाल भंडार का दो’हन किया जाना अभी बाकी ही है. रोमानिया के समुद्री तटों पर एक कंपनी भी एक्सप्लोरेशन के काम में लगी है जो 2021 तक गैस उ’त्पादन का लक्ष्य लेकर चल रही है ।

मार्केल एनर्जी कंसल्टेंसी के प्रबंध निदेशक क्रिस्टोफ मार्केल ने कहा, मुझे नहीं लगता कि वहां से किसी भंडार मिलने की खबर आना बहुत हैरान करने वाला है. अगर टर्की इस गैस का निर्यात करने की सोचता है तो बुल्गारिया, यूक्रेन और ग्रीस भी इसमें काफी दिलचस्पी लेंगे ।

तुर्की की ये खोज ऐसे वक्त में आई है जब पूर्वी भूमध्यसागर में उसका ग्रीस और साइप्रस के साथ क्षेत्रीय विवाद चल रहा है. इस इलाके में टर्की ने तेल और गैस भंडार को लेकर अभियान तेज कर दिया है. फ्रांस ने भी टर्की को रोकने के लिए अस्थायी तौर पर अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी है. जर्मन चांसलर एजेंला मार्केल ने बुधवार को कहा कि यूरोपीय यूनियन क्षेत्र में बढ़े तनाव को लेकर चिंतित है ।

पिछले सप्ताह ग्रीस ने मिस्र के साथ समुद्री परिसीमन समझौते का ऐलान कर दिया था जिसके बाद जर्मनी की मध्यस्थता में हो रही ग्रीस-तुर्की की वार्ता नाकाम हो गई. इन घ’टनाक्र’मों के बीच टर्की ने भूमध्यसागर में फिर से तेल-गैस भंडार का पता लगाने के लिए अभियान तेज कर दिया है. तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगान ने कहा कि यूरोपीय यूनियन के दबा’व की वजह से वो अपना रुख नहीं बदलेंगे।

भूमध्यसागर के द्वीपों में गैस-तेल भंडार पर दावे को लेकर तुर्की का सबसे ज्यादा विवाद साइप्रस के साथ है. रिपब्लिक ऑफ साइप्रस यूरोपीय यूनियन का सदस्य देश है और पूरे द्वीप पर आधिकारिक संप्रु’भता रखता है. हालांकि, तुर्की ने 1974 में सै’न्य अभियान के बाद इसके उत्तरी हिस्से पर क’ब्जा कर लिया था. स्वघोषित संप्र’भुता वाले तुर्किश रिपब्लिक ऑफ नॉर्दर्न साइप्रस को सिर्फ तुर्की से ही मान्यता प्राप्त है. दुनिया का कोई भी देश इसे मान्यता नहीं देता है. उत्तरी साइप्रस समुद्रीय ऊर्जा संसाधनों पर भी अपना दावा पेश करता है ।

यूरोपीय यूनियन के नेताओं ने पूर्वी भूमध्यसागर में बने हालात पर चर्चा के लिए सितंबर महीने में एक आ’पात बैठक बुलाने का फैसला किया है. बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस में करीब 27 देशों के प्रमुख नेताओं ने ग्रीस और साइप्रस के साथ एकजुटता दिखाई और क्षेत्र में अवैध खनन की गतिविधियों का वि’रोध किया ।

दरअसल, तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगान टर्की को क्षेत्रीय ता’कत के तौर पर स्थापित करना चाह रहे हैं. सी’रिया, ली’बिया में सं’घर्ष से लेकर इराक में हम’ले तक, नाटो की दूसरी सबसे बड़ी आ’र्मी वाले सदस्य टर्की ने अपने ड्रो’न, यु’द्ध वि’मानों और टैं’कों से द’खल दिया है. एर्दोगान भूमध्यसागरीय देशों से एक’जुट होने और अपने वि’वाद सु’लझाने की अ’पील भी कर रहे हैं ।

एर्दवान ने बुधवार को कहा कि भूमध्यसागर में टर्की का सं’घर्ष उसके अधिकारों को लेकर नहीं है बल्कि उसके भविष्य को लेकर है. टर्की की नौ’से’ना ने कहा है कि उसने साइप्रस के उत्तर-पश्चिम में सै’न्य अभ्यास करना शुरू कर दिया है ।

(आजतक से साभार )

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