पुणे में हि’जा’ब पहनकर जमकर क्रिकेट खेल रही हैं लडकियां, सोशल मीडिया पर शुरू हुई ये चर्चा..

इ’स्ला’म इस वक्त दुनिया भर में तेजी से फैलने वाला ध’र्म बन चुका है। बीते कुछ सालों से इ’स्ला’म के अनुयायियों में लगातार इजाफा होता नजर आ रहा है। गौरतलब है कि इ’स्ला’म में महिलाओं को बु’र्का और हि’जा’ब पहन कर रखने और अपने शरीर को ढक कर रखने के लिए कहा गया है।

जिसकी वजह से मु’स्लि’म महिलाओं को कई बार टा’रगे’ट भी किया जाता रहा है। लेकिन हाल ही के वक्त में हि’जा’ब और बु’र्का पहन कर भी मु’स्लि’म म’हिलाओं ने ऐसा प्र’द’र्शन दिया है जो सबकी बो’ल’ती बं’द करवा दे। इसी बीच महाराष्ट्र के पुणे आजम केंपस में मु’स्लि’म स’मु’दाय की लड़कियां तमाम रू’ढ़ि’वा’दी सोच को चुनौती देते हुए क्रिकेट सीखने और खेलने आती हैं।

जिसमें से ज्यादातर लड़कियों को उनके मां-बाप का समर्थन भी मिल रहा है। कहा जा रहा है कि पुणे के आजम केंपस में क्रिकेट सीखने आने वाली है लड़कियां हि’जा’ब पहनकर अपनी जिंदगी की एक नई पिच बना रहे हैं। इन महत्वकांशी मु’स्लि’म समुदाय की लड़कियों की हर बात सुनकर आपको ऐसा लगेगा कि यह खुद को साबित करने के लिए अपने दायरे के अंदर ही रहकर सब कुछ करने को तैयार हैं।

इन उसने महिलाओं का कहना है कि क्रिकेट अब सिर्फ पुरुषों की गेम ही नहीं रह चुकी है। क्रिकेट जगत में मिताली राज जैसी हस्तियों ने यह साबित कर दिया है कि वह भी क्रिकेट की दुनिया में अपनी अलग पहचान बना सकती हैं। इस मामले में आजम केंपस के स्पोर्ट्स डायरेक्टर गुलजार शेख का कहना है कि महिला वर्ल्ड कप आने के बाद 30 से 40 लड़कियां यहां पर क्रिकेट सीखने के लिए आते हैं।

अब इनमें से चुनाव करना हमारे लिए भी आसान हो गया है। महिला वर्ल्ड कप हो जाने के बाद एक बड़े स्त’र पर बदलाव देखने को मिला है।
इनमें से ज्यादातर मु’स्लि’म महिलाओं ने उनका रोल मॉडल भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान मिताली राज को बताया है। इन लड़कियों का कहना है कि वह हिजाब पहनकर ही क्रिकेट खेलती हैं। हमें शब्द तौर-तरीके फॉलो करने पड़ते हैं घर के भी और बाहर के भी।

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