रिहा होने के बाद डॉ. कफील, ने सुनाई जु’ल्म की दा’स्ताँ- ‘झू’ठे केस थोपे, 5 दिन बि’ना खाना-पानी के र’खा’ और..

नई दिल्ली : इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश के बाद डॉक्टर कफील खान को मथुरा जेल से रिहा कर दिया गया है। इससे पहले कफील खा’न की रिहाई पर रस्साकशी भी देखने को मिली। देर रात रिहाई को लेकर चला ड्रा’मा खत्म हो गया। 1 सितंबर को हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर की बेंच ने कफील पर लगाए एनएसए (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) को भी रद्द कर दिया था। रिहाई के बाद डॉ. कफील ने योगी सरकार पर ज’मकर नि’शाना साधा।

अलीगढ़ प्रशासन की ओर से लगाए गए एनएसए को रद्द करते हुए डॉक्टर कफील को तत्काल जेल से ज़मानत पर रिहा करने का आदेश दिया गया था। हालांकि देर शाम तक अलीगढ़ ज़िला प्रशासन की ओर से रिहाई संबंधी कोई ऑर्डर मथुरा जेल नहीं भेजे जाने से रिहाई अटकी हुई थी। मध्य रात्रि में मथुरा जेल पहुंचे रिहाई के ऑर्डर के बाद डॉ कफ़ील को रिहा किया गया। हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सुबह ही रिहाई का आदेश कर दिया था।

‘संघ’र्ष में साथ देने वाले सभी का धन्यवाद’
रिहा होने के बाद डॉ कफील ने मथुरा जेल प्रशासन और योगी सरकार पर ह’मला बोला। उन्होंने राज्य सरकार पर प्र’ता’ड़ित करने का आरोप लगाया है। डॉक्टर कफील ने कहा, ‘मैं जुडिशरी का बहुत शुक्रगुजार हूं, जिन्होंने इतना अच्छा ऑर्डर दिया है। सभी 138 करोड़ देशवासियों का धन्यवाद और उन लोगों का धन्यवाद जिन्होंने संघर्ष में मेरा साथ दिया।’

झू’ठे केस थोपे, 5 दिन बिना खाना-पानी के रखा: कफील
कफील ने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ‘आदेश में उन्होंने लिखा है उत्तर प्रदेश सरकार ने एक झू’ठा बेसलेस केस मेरे ऊपर थो’पा। बिना बात के ड्रामा करके केस बनाए गए और 8 महीने तक इस जेल में रखा। इस जेल में मुझे पांच दिन तक बिना खाना, बिना पानी दिए मुझे प्र’ता’ड़ित किया गया। मैं उत्तर प्रदेश के एसटीएफ को भी धन्यवाद दूंगा, जिन्होंने मुंबई से मथुरा लाते समय मुझे ए’नकाउं’टर में मा’रा नहीं है।’

(हिंदी सियासत से साभार)

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