जामिया सीसीटीव फुटेज पर दिल्ली के पूर्व एलजी ने ये क्या कह डाला

13 जनवरी 2020, जामिया के बाहर प्रदर्शन कर रहे लोगो और पुलिस के बीच ताना तनी के बाद बवाल हो गया। इसके बाद पुलिस के साथ बिना वर्दी के आये कुछ नकाबपोश लोगो ने बर्बरता फैलाई। जामिया की लाइब्रेरी में घुसकर लाठीचार्ज किया गया, पुलिस की इस कार्रवाई पर कई सवाल कजड़े भी हुए, और पड़े हो गए।

लेकिन अब एक वीडियो आया है, जामियाँ की ही लाइब्रेरी से, जामिया लाइब्रेरी में स्टूडेंट्स पढ़ रहे हैं, अचानक पुलिस वर्दी में कुछ लोग घुसते हैं और स्टूडेंट्स पर डंडे बरसा रहे होते हैं। पुलिस के इस तांडव की पोल खुल गयी है, इससे पहले पुलिस का कहना था कि उन्हें मजबूरी में जामिया कैम्पस में घुसना पड़ा क्योंकि अंदर स हमला हो रहा है, लेकिन सीसीटीव फुटेज कह रही है कि जामिया स्टूडेंट तो पढाई कर रहे थे।

अब इस सारे घटनाक्रम पर दिल्ली के पूर्व उपराज्यपाल नजीब जंग का बयान आ गया है, नजीब जंग ने जामिया मिलिया इस्लामिया की लाइब्रेरी से सामने आए वीडियो की जांच की मांग की है। जंग ने कहा है कि वीडियो में पुलिस लाइब्रेरी में घुसकर छात्रों की पिटाई करती दिख रही है। इस पर दिल्ली पुलिस को अपना पक्ष रखना चाहिए, साथ ही इस मामले की एक उच्चस्तरीय जांच भी जरूरी है ताकि स्थिति साफ हो।

जामिया के पूर्व वीसी नजीब जंग ने कहा कि अगर कोई छात्र पुलिस पर पत्थर चलाकर लाइब्रेरी में छुपा, जैसा कि कुछ लोगों का दावा है तो वो भी गलत है। उसकी भी हम निंदा करते हैं।

रविवार को जामिया कॉर्डिनेशन कमेटी ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें सुरक्षाबल लाइब्रेरी में मौजूद छात्रों पर डंडे बरसाते नजर आ रहे हैं। वीडियो में साफ दिख रहा है कि एक साथ कई पुलिसकर्मी लाइब्रेरी में घुसते हैं और छात्रों को लाठियों से पीटने लगते हैं।

जामिया कॉर्डिनेशन कमेटी ने इस वीडियो पर कहा है कि सीसीटीवी फुटेज में साफ झलक रहा है कि पुलिस बल राज्य प्रायोजित हिंसा को अंजाम दे रही है। जामिया के छात्र अपने एग्जाम की तैयारी रीडिंग हॉल में कर रहे थे तभी पुलिस ने उनपर बर्बरता की। वहीं, इस वीडियो पर दिल्ली पुलिस ने कहा है कि इस वीडियो में कुछ नकाबपोश लोग भी दिख रहे हैं। पुलिस का कहना है कि क्राइम ब्रांच को पहले ही जांच सौंपी जा चुकी है। सभी वीडियो की जांच की जाएगी।

दरअसल, जामिया के छात्र 15 दिसंबर को नागरिकता कानून के खिलाफ मार्च निकाल रहे थे। इस दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज कर छात्रों को रोका था। इस दौरान जामिया के छात्रों और प्रशासन ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने लाइब्रेरी, क्लासरूम, हॉस्टल और मस्जिद तक में घुसकर छात्रों को मारा है।

पुलिस ने इससे साफ इनकार कर दिया था। अब दो महीने बाद लाइब्रेरी का वीडियो सामने आया है। जिसमें पुलिस लाइब्रेपी में बैठे छात्रों पर बुरी तरह से लाठियां बरसा रही है।

मामले पर विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार को घेरा है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘देखिए कैसे दिल्ली पुलिस पढ़ने वाले छात्रों को अंधाधुंध पीट रही है। एक लड़का किताब दिखा रहा है लेकिन पुलिस वाला लाठियां चलाए जा रहा है।

गृह मंत्री और दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने झूठ बोला कि उन्होंने लाइब्रेरी में घुस कर किसी को नहीं पीटा। इस वीडियो को देखने के बाद जामिया में हुई हिंसा को लेकर अगर किसी पर एक्शन नहीं लिया जाता तो सरकर की नीयत पूरी तरह से देश के सामने आ जाएगी।’

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