अभी अभी- जामिया के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर ला”ठीचा”र्ज

देश की राजधानी दिल्ली ने पिछले दो महीने में इतने दर्द झेलें है कि उसने अंग्रेजी सरकार के समय भी नहीं झेले थे। दुखों का ये सिलसिला अभी रुकने का नाम नहीं ले रहा है। CAA के विरोध में प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट्स पर एक बार फिर लाठीचार्ज की खबरें सामने आ रही हैं।

संशोधित नागरिकता कानून (CAA) के खिलाफ जामिया कोआर्डिनेशन कमेटी ने जामिया से संसद तक मार्च निकाला है। इस मार्च में आंदोलनकारियों पर ये आरोप लगाया जा रहा है कि प्रदर्शनाकरी “शारजील इमाम” के समर्थन में सरकार विरोधी नारे लगा रहे थे। कुछ भारत्तीय मीडिया चैनल्स इस बाबत बढ़ा चढ़ाकर लोगों को भड़का रहे हैं, ऐसे में कुछ भी अनहोनी हो सकती है इसका पूर्वानुमान लगाया जा रहा था।

जामिया स्टूडेंट्स पर इस तरह का एक्शन पहली बार नहीं है, बीते जनवरी में कई बार जामिया और एमयू स्टूडेंट्स पर भी बर्बरता का नजारा हम देख ही चुके है। भारत्तीय पत्रकारिता को आखिर हो क्या गया है। सच देश के एक बड़े वर्ग को दूर किया जा रहा है। लोगों की आँखों में धुल झोंकी जा रही है। फिलहाल जामिया से जो खबरें सामने आ रही हैं वो दिल दहलाने वाली हैं। क्या इस देश के लोगों को प्रदर्शन करने का कोई अधिकार नही है?

कुछ तस्वीरें हम यहाँ शेयर कर रहे हैं जो प्रदर्शनकारियों पर हुई बर्बरता का सच बयान कर रही हैं। बहुत सारे स्टूडेंट्स को गंभीर चोटें आई हैं। कई के सर फूट चुके हैं। कितना नुकसान हुआ है अभी इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है।

ये रहा जामिया में हुए लाठीचार्ज के बाद का वीडियो जिसे एक दोस्त ने भेजा है।

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