पैगम्बर मोहम्मद (स.अ.व.) की शिक्षा से प्रभावित होकर, मैक्सिको में 400 लोगो ने क़ुबूल किया इस्लाम धर्म-

इस्लाम धर्म लगातार विदेशों में लोकप्रिय हो रहा है जिस से विरोधी खेमे के पेट मे भी दर्द उठता रहता है, पैगम्बर मोहम्मद (स०अ०व०) की शिक्षाओं से प्रभावित होकर लोग लगातार इस्लाम धर्म अपना रहे हैं, ऐसी ही एक खबर आ रही है मैक्सिको से जंहा 400 लोगो ने इस्लाम धर्म अपना लिया ।

इस्ला’म कु’बूल करने वालो की संख्या दुनियाभर के हर देश के कोने कोने में से बढ़ रही है। इस्ला’म ध’र्म को मानने वाले और नही मानने वाले भी इस ध’र्म के प्रति अपना प्यार प्रकट कर रहे है और इस ध’र्म को कुबूल कर रहे है। मेक्सिको में 400 मेक्सिकन लोगो ने इस्ला’म ध’र्म को कुबूल करके अपनी जिंदगी की नई शुरुआत की है।

एक छोटे सेगांव ने इ’स्लाम कुबू’ल करने का फैसला लिया है। नेशनल जियोग्रा’फिक की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक प्रोफेसर गुइलिया इकोलूटी ने बढ़ते मु’स्लिम स’माज की मेजबानी करने के लिए मे’क्सिको में ही एक म’स्जिद में इ’माम और वहांके लोगो के लिए जन्न’त नाम का एक प्रोजेक्टशुरू किया है जिसके तहत उन सभी लोगो को और ज्यादा आसानी होगी।

इ’स्लाम धर्म को बारीकी से समझने की ओर अमल करने के लिए ऐसा किया गया है। इ’स्लाम पिछले दशकों से मेक्सिको में और ज्यादा बढ़ता जा रहा है। अब इस देश मे 5,270 मुस्लि’म है। पंद्रह सालो में और ज्यादा व्रद्धि हुई है। लेबना’न और सीरि’या के प्रवासी और यहां तक कि स्पेनिश सूफ़ी मुस’लमान का एक ग्रुप जो 90 के दशक में जे’पतिस्ता क्रां’तिका’रियों के सदस्यों को बदलने के लिए मेक्सिको में आया था।

आज यहां पर मुस्लि’म आबादी ज्यादा है। सूफी मुसल’मान का पहनावा अलग होता है सिर पर सूफी टोपी और कुर्ता पजामा उनका पहनावा होता है। इतना ही नही इ’स्लाम से प्रसन्न होकर और गांव वालों की मोहब्बत देखकर इन लोगो के लिए यमन से एक अरबी अध्यापक भी बुलाया गया है ।

अध्यापक ने इस्ला’म कुबू’ल करने वाले को कु’रान पा’क और न’माज पढ़ने का त’रीका भी सिखाया है।मेक्सिको में ज्यादा संख्या केथोलिल की भी है।प्रोफेसर इकोलूटी ने बताया है कि किसी खास मजहबका पालन करने के लिए शिद्दत का होना बहुत जरूरी है जब तक अपना इच्छा नही होता जब सब बे’कार है।

उन्होंने कैथोलिक माताओं से भी बात की, जो नही चाहते है कि उनकी बेतिया इस्ला’म कुबूल करे। लकिन जब जिंदगी के बदलाव एक प’वित्र ध’र्म से शुरू हुए तो वो सभी लोग बहुत ज्यादा खुश हुए है।

उनसे इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बताया है कि इ’स्ला’म ध’र्म इसलोए सबसे ज्यादा बेहद और खास है क्योंकि मुस’लमा’न दिन भर काम काज के साथ ही पांच वक्त की न’माज भी अदा करता है। यह हमें कई चीजो से रोकता है इस्ला’म मे ऐसा करना हरा’म माना जाता है। मेक्सिको में इ’स्लाम मह’जब विकास को बढ़ावा दे रहा है।

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