मौलाना तारिक जमील ने बताया केरोना वायरस को अल्लाह का अज़ाब, ओर कहा कि हमारी इन गलती-कैसे बचें

इस्लामाबाद. कोरोना वायरस से इस वक्त दुनिया परेशान है। वहीं पाकिस्तान के एक प्रमुख मौलवी ने राष्‍ट्रीय टेलिविजन पर दावा किया है कि कोरोना अल्लाह के द्वारा दिया गया श्राप है। अल्लाह ने दुनिया में बढ़ रही नग्नता से नाराज होकर यह महामारी भेजी है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने खोला मोर्चा बताते है

मौलाना तारिक जमील ने कहा कि दुनिया में अश्लीलता और नग्नता बढ़ गई है। बेटियों के कपड़े छोटे होते जा रहे हैं। यही कारण है कि अल्लाह अब नाराज हो गए हैं। मौलाना के इस बयान के बाद अब सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अब मोर्चा खोल दिया है। उनका कहना है कि मौलाना का यह बयान महिलाओं को अपमानित करने वाला हैं।

मौलाना की हो रही है चौतरफा निंदा बयान के बाद मौलाना की चौतरफा निंदा की जा रही है। पाकिस्‍तान के कानून एवं न्याय मामले पर संसदीय सचिव बैरिस्टर मलीखा बुखारी ने ट्वीट कर कहा कि महामारी के फैलने को किसी भी सूरत में महिलाओं की नैतिकता और आबरू से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। यह बयान गंदा और बेतुका है- मानवाधिकार मंत्री

वहीं मानवाधिकार मंत्री शीरीन मजारी ने कहा कि हम इस तरह के बेतुके बयानों के जरिए महिलाओं को निशाना बनाने को सहन नहीं करेंगे। यह गंदा और बेतुका बयान है जिसमें महामारी के लिए महिलाओं के छोटे कपड़ों को जिम्‍मेदार ठहराया जा रहा है। वहीं पाकिस्‍तान के मानवाधिकार आयोग ने भी कहा है कि मौलाना जमील का बयान अस्‍वीकार्य है।

बताते चले कि मौलाना तारिक जमील बहुत बड़े मौलाना है जिन्होंने केरोना वायरस को अल्लाह की तरफ से भेजा हुवा अज़ाब बताया तो सारी दुनिया उनके इस बयान को गलत बता रही है ,हालांकि हम सब जानते है कि ये बीमारी कोई आम बीमारी नही है जिसका अभी तक कोई हल नही निकल पाया है और इस बीमारी से सारी दुनुया परेशान है

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