दिन भर राशन वितरण के बाद रात भर बस्तियों को सेनेटाइज करते हैं नवेद चौधरी और उनकी टीम

दिल्ली, देश की राजधानी, यहाँ एक सामाजिक संस्था है, जिस तरह देश का दिल दिल्ली है, वैसे ही दिल्ली का दिल है ये सामाजिक संस्था, जिसका नाम है “National Aid” इसके संचालक है नवेद चौधरी, और नवेद चौधरी बिना थके एक ऐसे काम को अंजाम दे रहे हैं जो हर किसी के बस में नहीं हैं।

कोरोना महामारी के चलते देश के अरबों लोग जान बचाने के लिए घरों से बाहर तक नहीं निकल रहे लेकिन ये आदमी सुबह अपनी टीम के साथ घर से राशन की किट लेकर निकलता है और दिन छिपने के बाद घर में घुसाता है, इसके बाद रात में सेनेटाइजर टैंक पीठ पे लादकर ये लोग जगह जगह, बस्ती बस्ती सनेटाइज कर रहे हैं।

फ़ूड पैकिंग करते नेशनल एड टीम के कुछ सदस्य

 

ऐसे माहौल में जब हिंदुस्तान की मीडिया एक ख़ास तरह का झूठा और घिनौना प्रोपगेंडा दुनिया के सामने रख रही है, हमने सोचा इन नौजवानों की कुर्बानी को दुनिया के सामने लाना चाहिए, इस बाबत हमने नवेद चौधरी से बात कि, हमने सबसे पहले उनसे पूछा कि घर वाले तो रोकते होंगे?

जब रात में दिल्ली सो जाती है तो ये लोग बस्तियों को सनेटाइज करते हैं, ताकि लोग चैन की नींद सो सकें

उन्होंने जवाब दिया – अल्हम्दुलिल्लाह नहीं, मैं घरवालों से खुदको अलग रखता हूँ, बच्चों को दूर से ही देख लेता हूँ, वालिद साहब कॉल करके होंसला बढ़ाते रहते हैं, और बीवी भी हौंसला अफजाई करती है। घर के लोग काफी संतुष्ट हैं, उन्हें मुझपर फख्र है और मुझे ऐसी फॅमिली पाकर खुदपे नाज है”

खाना तैयार करते नेशनल एड टीम के कुछ सदस्य

हमने उनसे पूछा कि देश को कोई संदेश देना चाहते हैं? तो उन्होंने जवाब दिया -“मैं  लोगों से यही कहना चाहूंगा कि मेहरबानी करके घरों में ही रहें, अपने परिवार का ख्याल रखें, अगर किसी को कभी भी कहीं पर भी राशन की दिक्कत है तो उसके लिए हम हैं”

नेशनल एड टीम के कुछ सदस्य राशन वितरण करते हुए

इस मामले पर उन्होंने सरकार से भी अपील की है , नवेद चौधरी ने कहा कि- “आपने लोक डाउन किया अच्छी बात है, कोई भी सरकार करती, आप इटली और USA से काफी कुछ सीख रहे हैं तो ये भी सीखिए की वो लोगों तक कैसे राशन पहुंचा रहे हैं, हम जिस घर भी जा रहे हैं, वहां के हालात देखकर आँखे भर आती हैं, बच्चों के उदास चेहरे देखे नहीं जाते, बहुत दुःख होता है जब कोई हमसे कहता है कि दो दिन से हमारे घर में कुछ भी नही पका है, कोरोना राहत कोष का 1.70 लाख करोड़ का बजट कहाँ पर खर्च हो रहा है हंमे अभी तक इसका असर नहीं दिखा है।”

खाना तैयार करती नेशनल एड टीम

 

नेशनल एड कई शहरों में लोगो तक राशन मुहैया करा रही है

नेशनल एड टीम में सलीम अंसारी, वसीम शेख, मोहम्मद असफ़हन, आशु सैफी, गुलजार, अरशद, सलाउद्दीन सैफी, तबरेज अंसारी कामरान, सलमान, इरफान, सद्दाम, मेहताब आदि कार्यकर्ता हैं, ये लोग मेहनत और लगन से इस काम को अंजाम दे रहे हैं, इन लोगो का मानना है कि किसी भूखे का पेट भरने में जो ख़ुशी मिलती है वो दुनिया के किसी काम में नही मिलती।

पैकिंग करते हुए नेशनल एड टीम के सदस्य

नेशनल एड टीम मुज़फ्फरनगर और जयपुर में भी काम कर रही है। इसके अलावा टीम द्वारा दिल्ली में कई किचन चलाये जा रहे हैं जहां हज़ारों लोगों का बनता है और उसको बांटा जाता है।

राशन वितरण किट तैयार करते हुए

नवेद चौधरी और उनके साथी कोरोना से पहले भी सामजिक कार्यों में हिस्सा लेते आये हैं, आपको अगर इस टीम से सम्पर्क करना है अथवा कोई मदद चाहते हैं तो यहाँ क्लिक करके मैसेज कर सकते हैं हैं।

सिर्फ लोग ही भूखे नहीं है, पशु भी भूखे है, रोटी खिलाते नवेद चौधरी

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