गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाली शफकत आमना ने हासिल की UPSC में बड़ी कामयाबी , पिता हुए भा’वुक

देश में यू पीएसी के नतीज़े आने के बाद चयनित छात्र छात्राओं के घरों खुशियों का माहौल है। यू पी ए सी में 759 छात्र छात्राओं ने कामयाबी हासिल की हैं। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) में इस भी हमेशा की तरह बिहार चर्ची में रहा है। पूर्वी च म्पारण में रिटायर्ड टीचर की पुत्री शफकत,

आमना ने यूपीएससी परिक्षा पास कर प रिवार का मान बढ़ाया है। शफकत आमना शिक्षक जफीर आलम व गृहिणी रिफत प रवीन की तीसरी पुत्री है। 24 वर्षिय शफकत आमना ने यूपीएसी परिक्षा में 186 वा स्थान प्राप्त किया है।आमना ने अपने कुनबे का तो नाम रोशन किया है इसके अलावा आमना पूर्वी चम्पा रण के सूदुर ग्रामीण क्षेत्र की लड़कियों को लिए भी रोल मॉडल बनी है।


शफकत आ म ना ने गाँव में जश्न का माहौल है। आमना ने तीसरे प्रयास में यह उ पलब्धि प्रा प्त की है। उन्होनें नवोदय विद्यालय में दसवीं परीक्षा पास की हैं। उन्होनें मोति हा री से पीयुजी कॉलेज से ज्योग्राफी से ऑनर्स किया। वह सिविल सर्विसेज की तैयारी के लिए वर्ष 2016 में दिल्ली आना पड़ा। उन्होनें जामिया मिलिया इस्लामिया के रेजिडेंशियल कोचिंग में रहकर तैयारी है।शफकत के पिता ने अपने सभी बच्चों को बेहतर तालीम दिलाने के लिए बेहतर से बेहतर प्रयास किया।

सभी बच्चो ने अपने पिता का मान रखते हुए सोच से बढ़कर काम किया। उनकी सबसे बड़ी बेटी फातिमा ने जामिया से बीएड किया, बीटेक और सीटेक की तालीम हासिल कर परिवार का नाम बढ़ाया। उनकी दूसरी बेटी इफत आ या ने बैंक की तैयारी कर रही है। चौथी बेटी साहिना अंजुम जामिया से एलएलबी कर रही है। बेटा शहबाज जामिया से जेआरएफ में पीएचडी कर रहा है।


आ मना कहती है कि उनकी बचपन से इच्छा थी वो लोगों की बेहतरी के लिए कुछ अच्छा काम करें। आमना बताती है कि उनकी पहली कोशिश है कि वह आइएसएस में जाए और आगे भी कोशिश करेगी की उन्हें ये जरूर मिले। वह इसके लिए ईमान दारी के साथ पूरी कोशिश करने में जुटी है। आज आमना के गाँव में जश्न का माहौ ल है, लोगों को खासकर लड़कियों को उनसे प्रेरणा लेने की कोशिश जरुर करनी चाहिए।

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