बड़ी खबर-शाहीन बाग में लंगर खिलाने के लिए फ्लैट बेच दिया!

दिल्ली के शाहीन बाग में CAA-NRC के खिलाफ 15 दिसंबर से विरोध प्रदर्शन हो रहा है. जब से ये प्रदर्शन शुरू हुआ है, तब से किसी न किसी मुद्दों को लेकर सुर्खियों में रहता है. कभी ट्रैफिक जाम, तो कभी बिरयानी और पैसे लेकर प्रदर्शन की चर्चा होती रहती है.इस बीच यहां कई दिनों से लंगर बांट रहे दिल्ली हाई कोर्ट के वकील डीएस बिंद्रा चर्चा में हैं.

क्यों चर्चा में हैं क्योंकि उनके बारे में खबर आई है कि वो फ्लैट बेचकर यहां के प्रदर्शनकारियों को लंगर बांट रहे हैं.इंडिया टुडे की रिपोर्टर सना ज़ैदी ने बिंद्रा से बात की. उन्होंने बताया कि वो लोहड़ी के पहले से ही शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों को लंगर खिला रहे हैं. इसके लिए इन्होंने अपना एक फ्लैट भी बेच दिया है.

डीएस बिंद्रा का कहना है कि उनके पास तीन फ्लैट थे. उसमें से उन्होंने एक बेच दिया, क्योंकि उनके पास कैश नहीं था और वो लंगर खिलाना चाहते थे. उनके बच्चों ने उन्हें सलाह दी थी कि जो रुपये गुरुद्वारे में दान के तौर पर चढ़ाते हैं, उसे इन कामों में लगाया जाए. डीएस बिंद्रा का कहना है कि उनके दो बच्चे हैं. लड़के की मोबाइल शॉप है और लड़की MBA की पढ़ाई कर रही है.

डीएस बिंद्रा ने बताया कि उन्होंने लंगर लोगों की सेवा के लिए शुरू किया. इस उम्मीद में कि भगवान उनके साथ भी अच्छा करेगा. उनका कहना है कि इनकम टैक्स वाले सोच रहे हैं कि उनके पास लंगर के लिए इतना पैसा कहां से आ रहा है. जबकि उनके पास कागज़ हैं, जिसमें फ्लैट बेचने की तारीख और अमाउंट दोनों मेनशन हैं.


हालांकि ऐसा नहीं है कि डीएस बिंद्रा ने सिर्फ शाहीन बाग में ही लंगर लगाया. इसके अलावा दिल्ली के मुस्तफाबाद और खुरेजी में भी लंगर लगाया था. इस लंगर में उनके भाई भी शामिल है. बिंद्रा का कहना है कि पहले तो उनकी पत्नी ने लंगर के लिए फ्लैट बेचने के लिए मना कर दिया था, लेकिन जब ये लंगर शुरू हुआ, तो उन्होंने भी सपोर्ट किया. डीएस बिंद्रा ने शाहीन बाग के अलावा, दिल्ली के मुस्तफाबाद और खुरेज़ी में भी लंगर शुरू किया था.

4-5 दिन करवाया था. देखभाल और खर्च सब उठाया. लेकिन अब सिर्फ शाहीन बाग में ही लंगर लगा रहे हैं.डीएस बिंद्रा से जब पूछा गया कि वो किसी पॉलिटिकल पार्टी को सपोर्ट कर रहे हैं तो उन्होंने साफ मना कर दिया. उन्होंने कहा कि यहां वो लोगों की सेवा के लिए लंगर लगा रहे हैं, न कि किसी पॉलिटिकल पार्टी की तरफ से. हालांकि इनके पुराने वीडियो में ये ओवैसी की पार्टी AIMIM को सपोर्ट करते दिखाई दे रहे हैं.

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