रमज़ान को लेकर उलेमाओं ने जारी की एडवाइजरी, घरों में इबादत करें, इफ्तार पार्टी के बजाय गरीबों को दें राशन

देश में कोरोना वायरस तेजी से फ़ैल रहा है. कोरोना के खतरे को देखते हुए देश में लॉकडाउन को 3 मई तक बढ़ा दिया गया है. इस दौरान पड़ने वाले त्योहारों पर भी लॉकडाउन का असर देखने को मिलेगा। मुस:लमानों का पवित्र रम:जान का मुबारक महीना 25 अप्रैल से शुरू होने की उम्मीद की जा रही है.

ऐसे में कोरोना के संक्रमण के साये में रम:जान का मुबारक महीना फंसता नजर आ रहा है. मुसलमानों के लिए रमजान में तरावीह की विशेष नमाज को सामूहिक रूप से अदा करना मुश्किल हो सकता है. ऐसे में कई देशों के मुस्लिम संगठनों ने रमजान को लेकर गाइड:लाइंस जारी कर दिए हैं.

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इसके तहत नमा:जियों को घर पर रहकर ही इबादत करने और रोजा इफ्तार में ऐसे मजदूरों को खाना खिलाने की अपील की गई है, जिन पर लॉकडाउन की मार पड़ी है. भारत में भी कई संगठनों ने मुसल:मानों से अपील की है कि वो रमजान के महीने में भी लॉकडाउन के नियमों का पूरी तरह से पालन करें.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने जो भी निर्देश जारी किए हैं, उनका भी पालन किया जाना चाहिए. नमाज घर पर ही अदा करें और सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखें. धर्मगुरुओं ने कहा कि उम्मीद करते हैं कि नमाजी इस पाक महीने में इफ्तार पार्टी आयोजित करने के बजाय जरूरतमंदों को खाना खिलाएंगे.

लख:नऊ में इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडि:या के चेय:रमैन मौलाना खालिद राशिद फिरंगी महली ने गाइडलाइन जारी करते हुए कहा, ‘रमजान में लॉकडाउन का पालन करें और इस महा:मारी से बचाने के लिए अल्लाह से खास दुआ करें.

रम:जान में लोग तरावीह की नमाज पढ़ें, लेकिन मस्जिद में एक वक्त में पांच से ज्यादा लोग जमा न हों. मोहल्ले के बाकी लोग मस्जिदों की बजाय घरों में ही रहकर तरा:वीह और दूसरी नमाजें अदा करें.’

मौलाना फिरंगी महली ने कहा, ‘रम:जान के महीने में जो लोग मस्जिद में इफ्तारी भेजते थे, वे इस साल भी करें. लेकिन, मस्जिद की बजाय जरूरत:मंदों के घर पहुंचाएं. रम:जान में इफ्तार पार्टियां करने वाले इस:की रकम से गरी:बों को राशन बांटें.

रोजेदार ये तय करें कि कोई भी इंसान भूखा ना रहे. जिन लोगों पर जकात फर्ज है, वे गरी:बों में जकात जरूर बांटें.’ वहीं, जमी:यत उलेमा हिंद के महा:सचिव मह:मूद मदनी ने भी ऐसी ही एडवाइ:जरी जारी की है.

वह कहते हैं, ‘इस महा:मारी में एक साथ नमाज अदा न करें. घर पर ही नमाज पढ़ें. बिना किसी का:रण घर से मत निकलें. रम:जान के पाक महीने में सहरी और इफ्तार के लिए खाना मज:दूरों और जरूर:तमंदों में जरूर बांटें.’

राज्यों के वक्फ बोर्डों की रेगुलेटरी बॉडी केंद्रीय वक्फ परिषद के अध्यक्ष नकवी ने बताया कि कोरोना को हराने के लिए सऊदी अरब सहित ज्यादातर मुस्लिम देशों ने भी रमजान के दौरान धार्मिक कार्यक्रमों पर रोक लगा दी है.

वहीं, केंद्रीय अल्प!संख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने भी मुस्लिम समाज से लॉक:डाउन और सोशल डिस्टेंसिंग के पालन की अपील की है. उन्होंने घरों पर ही इबा:दत करने का अनुरोध किया.

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